शुक्रवार, 11 नवंबर 2011

सुंदर सागर पोखेर में मेहँदी क


प्रिय प्रीतम के आँखि में प्यार के चमक अखनो छैन
 
मगर हुनका हमर मोहब्त पर सक आइयो छैन

 
नाँव में बैस क धोने छलैथ हाथ ओ कहियो
 
सुंदर सागर पोखेर में मेहँदी के गमक आइयो छैन

 
प्रिय प्रीतम के छु नहीं पैलो प्यार स कहियो
 
लेकिन हमर होँट पर हुनकर होँट के झलक आइयो छैन

 
सब बेर पुछै छथि हमर चाहत के सवाल
 
ओनाहिये प्यार के परखनाय आइयो छैन

 
नै रैह पौती प्रिय प्रीतम हमरा बिना
          दुनू तरप प्यार के धध्क आइयो आछि         



रचनाकार :- अजय ठाकुर (मोहन जी)
 

शनिवार, 5 नवंबर 2011

शराब नैन स पिया दैतो


 भोरे-भोरे उठी क शराब पीनाय कैलो हँन चालु
 
प्रभाकर जी आहा कहु जे इ पैग में कते पैन डालु

 
आहा ठंडा पैन स अपन आँखी धो क लाली त हटाबु
 
फ्रिज में स नबका बैगपेपर (दारू) के बोतल त पकराबु

 
रोज राति क सपना में हम ठेका पर जय छी
 
सबटा खेत और घरारी भरना लगा दैत छी

 
खेत और घरारी कखनो हम भरना नहीं लगैतो
 
आहा जे एक बेर अपन शराबी नैन स पिया दैतो

 
मानलो हम आहा के बहुत दूख-दर्द देलो
 
मुदा आहु त हमरा स पूरा प्रेम नहीं केलो

 
मानलो की आहा सुंदर-सुशिल हमर कनिया भेलो
 
मुदा आहा स ज्यदा हम दारू स प्रेम केलो

 
आब नहीं सताबु आबी जाऊ अपन घरे में रहब
 
भले दारू छोरी , दोस्त छोरी आहा के मारी सहब 

रचनाकार :- अजय ठाकुर (मोहन जी)

 

गुरुवार, 20 अक्टूबर 2011

आउ बनाऊ दहेज़ मुक्त मिथिला

बंधुगण! अगहन सँ शुद्ध शुरु होवयवाला अछि, बहुत कुटमैती के निराकरण जोर पर अछि। यैह उचित समय थीक जाहिमें दहेज मुक्त मिथिला के सक्रियता के जोर पर राखैय जाउ। जतय कोनो कुटमैती टाका-पैसा माँग कैल जा रहल अछि, ताहि ऊपर प्रहार जरुरी छैक। प्रहार के मतलब इ नहि जे मारपीट होइक, बस तथ्यांक संकलन करैत समाचार पत्र के मार्फत सरकारी सहयोग सऽ प्रकाशित करायल जायत आ एहि तरहें लोक में एक प्रकार के जागृति बलजोरी सेहो प्र...वेश करतैक। एहि हेतु अपने लोकनि सँ निवेदन जे कोनो कुटमैती दहेज लेन-देन करैत जे निर्धारित भऽ रहल छैक ताहि के तथ्याँक प्रकाशित करू आ बाकी एक प्रतिनिधि मंडल द्वारा पटना में मंत्री जी संग नवम्बर-दिसम्बरमें भेंटघाँट कार्यक्रम रखबाक छैक - तऽ आवश्यक सूचना प्रकाशित करैत एहेन समाजिक अपराधमें संलिप्त लोक के उघार करब अत्यन्त जरुरी छैक। से अपने लोकनि इ सूचना फेशबुक पर संकलित करी से आग्रह अछि।

विनीत:
दहेज मुक्त मिथिला परिवार

आब डीजीसीए लगेलक अडंगा

  1. हर डेग पर फाइल रुकला स भ रहल अछि विमान सेवा मे देरी
  2. केवल पटना जमशेदपुर नहि, चारिटा शहर स शुरू होएत सेवा
  3. सुरक्षा जांचक जिम्‍मेदारी पर नहि भ सकल अछि कोनो फैसला
  4. अनुमतिपत्र भेटलाक दोसर दिन शुरू होएत सेवा
  5. अगिला सप्‍ताह जारी भ सकैत अछि किराया क सूची
दरभंगा/पटना/ नई दिल्‍ली । दरभंगा, पूर्णिया, गया आ पटनाक बीच हवाई सेवा मे डीजीसीए अडंगा लगा देलक अछि। इ सेवा कए एहि मास शुरू करबाक योजना छल, मुदा स्प्रिट एयरलाइंस स प्राप्‍त भेल आधिकारिक जानकारीक अनुसार जीडीसीए एहि सेवा लेल एखन धरि अनुमतिपत्र नहि देलक अछि। स्प्रिट एयरलाइंस क पटना एयरपोर्ट मैनेजर सुरेश प्रसाद इसमाद स एहि संबंध मे पूछला पर साफ तौर पर कहला जे डीजीसीए द्वारा अडंगा लगेबाक कारण इ सेवा एखन धरि शुरू नहि भ सकल अछि जखन कि कंपनी जरूरी कागजात बहुत दिन पहिने डीजीसीए लग पठा चुकल अछि। ओ कहला जे कंपनी दिस स सबटा पेपरवर्क भेल चुकल अछि ओकर बावजूद डीजीसीए दिस स अफ्रूवल देबा मे देरी बुझबा मे नहि आबि रहल अछि, जखन कि एहि सेवा लेल जहाज तक आबि चुकल अछि। सेवा शुरू करबा संबंधि तिथि पर श्री प्रसाद क कहब छल जे कंपनी सब प्रकारस तैयार अछि जहिया जीडीसीए क अनुमति पत्र भेटत ओकर दोसर दिन हम अपन सेवा शुरू कए देब।
एकटा सवाल क उत्‍तर मे श्री प्रसाद कहला जे कंपनी केवल पटना आ जमशेदपुर क बीच सेवा नहि शुरू करत, बल्कि बिहारक तीनटा शहर स सेहो सेवा शुरू कैल जाएत, मुदा पटना, गया आ जमशेदपुर हवाईअडडा पर सुरक्षा जांच मे कोनो दिक्‍कत नहि अछि, मुदा दरभंगा आ पूर्णिया मे सुरक्षाक जिम्‍मा केकर होएत एहि पर एखन धरि सरकार संग तय नहि भ सकल अछि। एहि ठामक सुरक्षा राज्‍य सरकार क हाथ मे होएत या कंपनी अपन स्‍तर स व्‍यवस्‍था करत इ फैसला एखन हेबाक अछि। किया कि दरभंगा आ पूर्णिया दरअसल एयरबेस अछि एयरपोर्ट नहि। मुदा एहि समस्‍या क हल सेहो जल्‍द निकालि लेल जाएत। किराया सम्बन्धी सवाल पर श्री प्रसाद कहलथि जे एहि विषय पर जीडीसीए स अनुमति भेटलाक बाद किछु तय भ सकत, आशा करैत छी अगिला सप्‍ताह तक किराया संबंधी खाका लोक कए उपलब्‍ध भ जाएत। ज्ञात हुए जे इसमाद कहने छल जे इ सेवा अक्टूबर क अंत तक उपलब्‍ध भ जाएत।
प्रसाद क अनुसार कंपनी भागलपुर लेल सेहो प्रयासरत छल मुदा राज्‍य सरकार भागलपुर मे विमान उतारबा लेल 63 हजार टका मांगि रहल अछि जखन कि दरभंगा आ पूर्णिया मे विमान उतारबा लेल भारतीय वायुसेना केवल नौ हजार टका ल रहल अछि। प्रसाद कहला जे दिल्‍ली आ कोलकाता एखन जोडब संभव नहि अछि मुदा बगलक राज्‍य झारखंडक दूटा शहर रांची आ जमशेदपुर सेहो एहि सेवा स जुडि जाएत।
ज्ञात हुए जे इ कंपनी पिछला साल सेहो एहन प्रयास केने छल मुदा तकनीकी कारण स सफल नहीं भ सकल। एकर बाद लोक एहि सेवा कए लकए नाउम्मीद भ चुकल छल। महाराज दरभंगा क दरभंगा एयरलाइंसक बाद इ पहिल मौका छल जखन कोनो निजी कंपनीक सेवा दरभंगा हवाई अड्डा स शुरू हुए जा रहल अछि।
देर आये दुरुस्त आये क कहावत कए चरितार्थ करैत स्प्रीट एयर लाइन यात्री क बढैत संख्‍या कए देखैत अपन तीन सीटर क स्‍थान पर दस सीटर विमान उतारि रहल अछि। नव सेवा कई मायने मे फायदेमंद साबित भ सकैत अछि। तीन क जगह 10 यात्री कए लकए उड़ान भरला स विमान किराया कम भ सकैत अछि, आ पटना क अलावा महानगर क लेल सेहो सेवा आरंभ हेबाक संभावना बढ़त। यात्री कए सामान लकए चलबा मे सेहो सहूलियत होएत। सुरेश प्रसाद कहलथि अछि जे एकरा लेल जर्मनी क एकटा कंपनी स भाड़ा पर विमान लेल गेल अछि, जे दिल्ली पहुंच चुकल अछि। प्रसाद कहला जे सरकार अगर मदद करए त भगलपुर आ मुजफ्फरपुर स सेहो इ सेवा शुरू भ सकैत अछि। हालांकि मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन क दिस स हवाई अड्डा कए उड़ान लायक बनेबा लेल आहूत बैठक बेर-बेर टलला स स्प्रीट एयर लाइन निराश अछि। पटना एयर पोर्ट मैनेजर श्री प्रसाद कहैत छथि जे अगर मुजफ्फरपुर क एयर पोर्ट दुरुस्त भ जाए त सीधा कोलकाता, मुंबई क लेल सेहो सेवा शुरू करबा क विचार भ अछि।
साभार - इसमाद.कॉम

बुधवार, 19 अक्टूबर 2011

हार पर विजय

हार गिरे तब धार करे
जब धार करे तब वार करे
जब वार करे संहार करे
हुंकार भरे हुँकार भरे
ग्लानी कुंठा को जगह नहीं अब
तज स्वाभिमान और आडम्बर को
कृतग्य भाव से अमूल्य समय का सत्कार करे
विविधा नहीं दुविधा नहीं
बाधाओं को आने दो
बन अंधकार के बादल मंडराने दो
प्रतिकार करे प्रतिकार करे
जो घात करे प्रतिघात करे
सहश्त्र भानु पर विजय करे
क्यों चंद्रकला को भ्रमित हो
श्रम हमारा रथ होगा धैर्य हमारी ढाल
द्रिढता को तलवार करे
अटल युद्ध पर अडिग हों
हर मुश्किल को हम पार करे
हार गिरे तब धार करे
जब धार करे तब वार करे
जब वार करे संहार करे
c.Jha

मंगलवार, 11 अक्टूबर 2011

ग़ज़ल

गामक इयाद पिया मोन पडाय ये।
बड़ रहलो शहर चलू घुरि चलू॥

शहरक इजोत नीक नै बुझाय ये।
लालटेन दिस आब चलू घुरि चलू॥

पिज्जा, कोला, बर्गर सों मोन अघाय ये।
मकई के रोटी लेल चलू घुरि चलू॥

हिप-होप, रैप, नै चित्त क सोहाय ये।
गामक ढोलीबा लग चलू घुरि चलू॥

दिल्ली सों आब सुनील मोन डराय ये।
गामक दिस लौट चलू, चलू घुरि चलू॥

सोमवार, 3 अक्टूबर 2011

दहेज मुक्त मिथिलाके निर्माण एवं मिथिलाके धरोहरके संरक्षण--


मिले,
... श्रीमान्‌/श्रीमती/श्रीयुत्‌ ...........................................................
पता: ................................................................................
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विषय: दहेज मुक्त मिथिलाके निर्माण एवं मिथिलाके धरोहरके संरक्षण

महोदय/महोदया,

उपरोक्त विषयमें अपने केँ सूचित करैत अपार हर्ष भऽ रहल अछि जे आजुक २१वीं शदीमें मिथिलाके युवा जनशक्ति जे आइ संसारके हर कोणमें पसरल छथि आ काफी प्रभावशाली योगदान दैत संसारके निर्माणमें व्यस्त छथि - हुनकहि जागृतिके इ सुखद परिणाम थीक जे ‘दहेज मुक्त मिथिला’ नामके एक संस्थाके निर्माण भेल अछि जेकर मुख्य उद्देश्य केवल एतेक जे मिथिलामें माँगरूपी दहेज के प्रथाके समाप्त कैल जाय - मिथिलाके बेटी ऊपर इ प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष दुनू रुपें अत्याचार थीक; प्रत्यक्ष एहि लेल जे संतान सभ बराबर होइछ, जहिना लोक बेटाके पढाबयलेल अग्रसर छथि, तहिना बेटीके लेल सेहो छथि - तखन दू रंगके व्यवहार जे बेटाके विवाहमें बेटीवाला के त्यागके कोनो गणना नहि करैत माँगरूपी दहेज के थोपल जैछ। अप्रत्यक्ष अत्याचार एहि लेल जे दहेज के व्यवहार के कारण बहुतो माता-पिता अपन कन्याके उच्च अध्ययन सऽ वञ्चित रखैत छथि आ एहि तरहें मिथिलामें प्रतिभा रहितो मैथिलपुत्री बहुत पछुवायल छथि। जतय आजुक महिला संसारके उच्चतम्‌ शिखर माउण्ट एवरेस्ट सऽ लऽ के, राष्ट्रकवच सेनामें एवं विज्ञानके युगमें प्रखर प्रदर्शन करैत संसारके आगू बढाबयमें हर क्षेत्रमें अगुआ भूमिका निर्वाह कय रहल छथि ततय मिथिलाके बेटीपर दहेज के एहेन प्रहार छैक जे एक निश्चित सीमा तक मात्र पढाइ करैत छथि। उच्च शिक्षाके लेल हतोत्साहित होइत छथि। केवल विवाह एवं वर हेतु चिन्तित रहैत दहेजके व्यवस्थामें लागल थाकल परेशान मैथिल असल ऐश्वर्यके, रिद्धि-सिद्धिके एवं समुचित विकासके बहुत पैघ बाधक बनल छथि। एहि प्रतिकूलताके विरुद्ध छेड़ल मौलिकताके लड़ाईमें अपनेक सहयोगकेर आकाँक्षा रखैत इ पत्र प्रेषित कय रहल छी जे हमरा लोकनिक कार्य-प्रणालीमें मिथिलाके धरोहर जे लगभग हर गाम - हर इलाका में कोनो ने कोनो रूपमें अवश्य मौजूद अछि ताहि ऊपर एकजूट बनैत संरक्षण के कार्य कैल जाय - एहि में अपनेक सहयोग के अपेक्षा रखैत छी।

वर्तमानमें हमरा लोकनि सौराठ सभाके पुनरुत्थान हेतु जन-जागरण अभियानमें अपनेक सहयोग के याचना करैत छी। एहि सभाके जे पौराणिक शुद्ध संस्करण छल ताहिके पुनर्जागरण करयमें, दहेज मुक्त विवाह हेतु एवं विद्वत्‌ सभा जाहिमें मिथिलाके विकास हेतु आम चर्चा-परिचर्चा सेहो होइ आ लोक एकताके सूत्रमें बँधैत नव-नव-निर्माणके कार्यमें संलिप्त होइथ - ताहि लेल सालमें एक बेर सौराठ सभागाछीके पुनः जगायल जाय। एकर जागृति लेल अपनेक सहभागिता के अपरिहार्य आवश्यकता बुझैछ। संगहि जे पौराणिक परंपरा वैवाहिक अधिकार निर्णय कराबय हेतु पंजिकार द्वारा विगत पुश्ताके बीच कोनो प्रकार के रक्त सम्बन्ध जाँच कराबैत कैल जैछ एकर परित्याग कदापि नहि करै जाइ। सिद्धान्त लिखाबैक परंपरा पर सेहो सभ मैथिल ब्राह्मण जाग्रत रहैथ।

जानकारी दी जे एहि बेर सौराठमें श्री श्री १०८ श्री माधवेश्वर नाथ महादेवके मन्दिर जेकर निर्माण दरभंगा राज द्वारा करायल गेल आ जे आइ अत्यंत उपेक्षित अबस्थामें अछि, एकर जीर्णोद्धार हेतु दहेज मुक्त मिथिला कटिबद्ध अछि। अपने लोकनि सँ निवेदन जे एहि शुभ कार्यमें अपन यथायोग्य सहयोग निम्न खातामें अवश्य पठाबी।

खाताधारकके नाम :-सौराठ सभा विकास समिति एवं दहेज मुक्त मिथिला
खाताधारक बैंकके पता :- रहिका, मधुबनी , बिहार
खाताधारक बैंकके नाम :- भारतीय स्टेट बैँक
खाता नं. :- 31742944456
आई. एफ. एस. सी. कोड:- SBIN0005897

धन्यवाद,

सदस्य,
दहेज मुक्त मिथिला, पंजी भवन,
सौराठ सभागाछी, मधुबनी।
फोन: 09661042056..09135462251 .09279343090

गुरुवार, 15 सितंबर 2011

ग़ज़ल

एही दुनिया म अहाँक नै नोर पोछ्त कियो
काज जो निकैल जाएत नै घुरि देखत कियो

कुकर्मक इ राह पर लोग बढ़ि गेल एते
अहाँ कतबो घुरा लीअ नै घुरि सकत कियो

अपनहि आन स जे मान एता पाबय छैक
दोसरक मान अछि की नै बुझि सकत कियो

कलमक धार स त बहुतो लिखायत छैक
ज्ञनगर एही बात कए जुनी पढ़त कियो




शनिवार, 10 सितंबर 2011

अनंत चतुर्दशीक हार्दिक शुभकामना...

भाद्रपद मासक शुक्लपक्षक चतुर्दशी क अनंत चतुर्दशी कहल जाएत अछि। एही दिन अनंत भगवान् क पूजा कए के संकट स रक्षा करय बला अनंतसुत्र बान्हल जाएत अछि। शास्त्र क अनुसार एही व्रतक संकप आ पूजा नदी, सरोवर, वा तालाबक कात म करय क विधान अछि मुदा जो एहन संभव नै होए त घरक पूजा घर म सेहो अहन कए सकय छी। पूजा घर म जमीन पर कलश स्थापित करू आ कलश पर शेषनागक बिछौना पर लेटल भगवान् विष्णु क मूर्ति वा फोटो राखु। ओकर बाद चौदह गाँठ बला अनंतसूत्र राखु। एकर बाद 'ॐ अनंतायानमः' मंत्र स भगवान् विष्णु आ अनंतसुत्र क षोडशोपचार-विधि स  पूजा करू। पूजाक बाद अनंत सूत्र क मंत्र पढ़ी क पुरुष दाहिना हाथ आ स्त्री बामा हाथ म बाँध लीअ।

     
अनंन्तसागरमहासमुद्रेमग्नान्समभ्युद्धरवासुदेव। अनंतरूपेविनियोजितात्माह्यनन्तरूपायनमोनमस्ते॥ 
पूजाक बाद व्रत-कथा पढू आ सूनु। कथाक संक्षेप अछि - सतयुग म सुमन्तु नाम क एकटा मुनी छल। हुनका एकटा बेटी छल शीला जे अपन नामक अनुरूप बड़ सुशील रहे। सुमन्तु मुनी ओ कन्याक विवाह कौण्डिन्यमुनि स केलैथि। कौण्डिन्यमुनि अपन बेटीक लए क जखन सासुर स घर जा रहल रहे, तखन रस्ता म नदी कात म किछ स्त्रीगण भगवान् अनंतक पूजा करैत देखा पडल। ई देखि शीला ओता जाके अनंत-व्रत क कथा क सुनालक आ पूजन क बाद अनंतसुत्र बंधलक। एही कारण स हुनकर घर किछु दिन म ध्न्यधान स भरि गेल। एही सन्दर्भ म एकटा आर कथा अछि की जखन पांडव जुआ म अपन सब किछु हारी गेल रहे तखन भगवान् श्री कृष्ण क सलाह स ओ भगवान् अनंतक पूजा करलक आ हुनकर कृपा स किछु दिन बाद अपन राज पाट वापस पाबि लेलक। अनंतसूत्र बान्हले क बाद कोनो ब्रह्मण आ भोग देने क बाद सपरिवार प्रसाद ग्रहण करू।
हमरा तरफ स समस्त मिथिलावाशी क अनंत चतुर्दशीक हार्दिक शुभकामना। भगवान् विष्णु स अहाँक सुन्दर आ स्वस्थ शरीरक कामना करैत...जय मिथिला-जय मैथिली॥

सोमवार, 5 सितंबर 2011

कॉफ़ी हाउस में लागल मिथिलाक जमघट...

काल्हि साँझ क दिल्ली स्थित कनाट पैलेसक 'कॉफ़ी हाउस' म एहन लागि रहल रहे जेना मिथिला एते उतैर आयल अछि, जिम्हर देखियो मैथिल आ मैथिलीक आवाज सुना रहल रहे। मिथिलाक एहन जमघट बगैर कोनो सांस्कृतिक कर्यक्रमक हमरा पहिल बेर नज़र आयल, मौका रहे 'वोइस ऑफ़ मिथिला' क तरफ स मिथिला अ मैथिली क दशा आ दिशा पर परिचर्चा। पहिल बेर मैथिलक एहन भीड़ देखि अचके हमरा मोन पड़ा गेल ई पांति...
।मानि गेलोंउ जे मिथिला नै बांचल अछि भूगोल म।
।। बचा क रखना छी हम जकरा अपन मायक बोल म।।
। लगनी, झरनी, जट, जट्टिन आ साँझक सगोर राति म।
।। एक-एक मिथिला राज्य बसल छैक एक एक मैथिल छाति म।।
निश्चित मिथिला अखन भूगोल म नै अछि बाँटल तखनो जे मिथिलावासीक एही तरहक उत्साह आ जोश नजैर आयल, ओ अविस्मर्णीय रहे। मैथिलीक शंखनाद सोंसे कनाट पैलेस गुंजायमान भ रहल छले। कार्यक्रमक अध्यक्षता सर्वसम्मती स आदरणीय श्री संतोष जी क सौपल गेल आ अध्यक्ष पद क निर्वहण कोना करल जाय अछि ई हुनका स हम नीक जोंका सिखलों। परिचर्चाक शुरुआत म संतोष जी सर्वसम्मति एकटा ऐतिहासिक फैसला लेलैथि जे एही मंच क हम सब राजनैतिक मंच नै बनायब आ कुनू भी तरहक स्वार्थ आ राजनैतिक भावना स ऊपर उठ क एकरा चलायब आ मिथिला आ मैथिलीक लेल एकटा अनुकरणीय योगदान देब आ एकरा मैथिलीक इतिहास म अमर करायब। फेर परिचर्चाक आगाँ बढ़ल आ मैथिल आ मैथिलीक दशा आ दिशा पर विचार भेल। तय भेल ज मिथिलाक लेल अखन बहुत किछु काज करय क अछि मुदा कियो भी एक गोटा सभ काज नै कए सकत त, सार्वजनीक रूप स ई तय भेल की वोटिंग करायल जाओ आ जेहि काजक लेल बेसी मत पड़त ओही पर पहिने काज होएत। मुदा एकर मतलब ई नै जे हम दोसर बिंदु पर विचार नै करब,आ ओकरा बिसैर जायब एहन नै, एकटा काजक सफलताक बाद हम दोसर-दोसर बिंदु पर सेहो अपन काज करब आ विचार राखब। फेर सबहक विचार भेल आ पाँच टा जे मुख्य समस्या आयल मिथिला आ मैथिलीक ओ क्रमशः ऐना अछि -:शिक्षा, संस्कृति, स्वास्थ्य, रोजगार,आ  दहेज़। सबहक विचार देखैत शिक्षा सबसे पैघ आ गंभीर समस्या लागल जे लगभग सभ समस्याक जड़ छल। फेर सर्वसम्मति स विचार करल गेल जे एकटा एहन विद्यालयक निर्माण करल गेल जाही म विद्यार्थी सबके 'सोफ्ट स्किल' क ट्रेनिग देल जाएत, संगे जाही म मिथिलाक्षर/तिरहुता एकटा अनिवार्य विषय रहत। जाही स हुनकर कम्युनिकेशन स्किल म सुधार होए संगे मैथिली लिखय क प्रति लोग बाग़ म जागरूकता सेहो आबय। दोसर बिंदु रहल मिथिलाक ओहन उपेक्षित लेखक क खोजल जाए जिनका म रचनाक शैली आ लेखनक कला त अछि मुदा अर्थाभाव म ओ अपन रचना क सही दिशा नै दए पाबि रहल अछि। ओहन लेखक क खोज करल जाए हुनकर रचना क प्रकाशित करायल जाए आ ओ प्रकाशित रचनाक रोयल्टी हुनका प्रदान करल जाए जाही स हुनकर आस्था आ विश्वास त मिथिलाक लेल बढ़बे करे संगे आन आन जे मैथिलीक लेखक आभाव या कोनो आन कारण स मैथिली म अपन भविष्य नै खोजि पाबि रहल अछि, हुनका जोश आबय आ मिथिला आ मैथिलीक लेल किछु करे।
परिचर्चाक अंत म आदरणीय कौशल जी समस्त आयल मैथिल क धन्यवाद ज्ञापन करलैथ आ परिचर्चा सम्पतिक घोषण एही सपथ क संग काएल गेल जे हम मिथिलाक लोग मिथिला आ मैथिली क लेल अपन समग्र योगदान देब। परिचर्चा म दिल्ली म रहनिहार रास-रास मैथिल पहुंचल रहे जाही म आनंद झा, जयनाथ झा, संतोष झा, कौशल जी, मुकेश मिश्रा, चित्रान्शु कर्ण, सितांशु जी, नीरज पाठक, सोनू मिश्रा, संगे अनेक गणमान्य आ विशिष्ठ लोग आयल छल।